CROWDFUNDING
Crowdfunding इक छोटे से start-up business के लिए संजिवनी साबित हो सकता है. इसके फायदे भी अनेक है. Crowdfunding की जानकारी बहोत कम लोगों को होती है इसलिए इसके related कुछ बाते आज हम जानेंगे.
Crowdfunding मतलब किसी इक उद्देश के लिए लोगो के समूह से पैसा इकठ्ठा करना. इस मे हम जानते है की हमारा पैसा किसे और क्यो दिया जा रहा है.
Crowdfunding for startup buisiness
वैसे हम Crowdfunding से अज्ञान नही. जाने अनजाने मे हमने कई बार Crowdfunding की होगी. हमारे समाज मे इक दुसरे कि मदत करने का रिवाज है. जैसे हम किसी के शादी मे या बर्थ डे मे जाते तो उसे प्रेझेंट पाॅकेट में पैसे देते है ये हो गई Crowdfunding. दो-चार दोस्त मिलके अपने किसी दोस्त की पैसे के रूप मे मदत करते है ये भी इक Crowdfunding है. हम कोई cultural program के चंदा देते है वो भी इक Crowdfunding है. कोई कलाकार या सेलीब्रेटी किसीके मदत के कोई program करता है और हम उस मे contribution देते है वो भी इक Crowdfunding है.हम जो भीसी लगते है वो भी crowdfunding का ही प्रकार है.
अमेरिका मे 2012 मे ऐसे ही contribution को business के लिए उपयोग मे लाने की प्रथा शुरू हुई उसका फायदा बहोत सारे start-up business को हुआ और सारे युरोपिय देशो ने उसे आपनाया. अब धिरे धिरे ये अपने भारत मे शुरू हो रहा है.
शेअर मार्केट भी इक Crowdfunding का ही प्रकार है. इस मे बहोत से प्रकार है. इसको बनाने तीन मुख्य step है.
1)Project Initiator - इसका काम है इक अच्छा project बनाना.
2) Supporters - ये इक group होता है. जो लोगो को project के जानकारी देता है और project को support भी करता है.
3) Platform - इसके जरीये project लाॅन्च होता है और लोगो के सामने सही तरीके से पेश होता है.
#1.Reward-based Crowdfunding - ये start-up business के लिए सबसे अच्छा है. मानलो कोई नया business start करना चाहता है और उसे पैसो की जरूरत है. तो चार-पान्च लोग मिलके उसमे invest करेंगे तो जो फायदा होगा वो सब मे reward के रूप मे बाटा जायेगा. मान लो कोई e-commerce business या फिर website बनाने का business चालू करना चाहता है. उसे 50 हजार की जरूरत है, तो दस लोग अगर 5-5 हजार कि investment करते है तो उनको 5 हजार मे website बना के मिलेगी जिसकी मार्केट price 10 हजार होगी तो उन 10 investor का 5-5 हजार फायदा हुआ और business चालू करनेवाले का business भी चालू हो गया और उसे कही बाहर से ब्याज पे पैसे भी नही लेने पडे. इसे preset investment भी कहते है.
#2. Equity-based Crowd funding - इस मे ज्यादा पैसा invest किया जाता है ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए. अपने देश मे इसे युज करने का permission नही. लेकीन SEBI इसे निर्देश के अनुसार इस मे invest किया जा सकता है.
#3. Donations-based Crowd funding - इस मे आप अपने मर्जी के हिसाब से पैसा invest कर सकते है. लेकिन इस मे आप को कोई reward या return नही मिलता. ये इक दान पुण्य का काम है. ये ज्यादातर चेरीटी के लिए होता है.
#4.Debit-based Crowd funding - ये इक तरह का लोन होता है जो आप किसी कंपनी को देते हो. अगर फायदा हुआ तो इक particular ब्याज के साथ आपको आपका पैसा वापस भी मिलता है लेकिन कंपनी का घाटा हुआ तो आप का भी घाटा हो सकता है. इस मे रिस्क जरा ज्यादा होती है.
#5.Public Private Partnership[ PPP] - ये इक equity based crowd funding का ही रूप है. अपने देश मे ये ज्यादा इस्तेमाल होता है शेअर मार्केट मे.
Internet पर बहोत सारे platforms और websites है जिनके आधार से आप Crowd funding मे investment भी कर सकते है और उसका लाभ भी उठा सकते है अपने business के लिए.
मेरी ये पोस्ट आप को कैसी लगी ये मुझे जरूर कमेंट करके बताये अगर इस मे कोई कमिया है तो भी तो भी मुझे सुचित करे.
धन्यवाद.
सतविचार मोति
" प्रणाम का परिणाम हमेशा आशीर्वाद ही होता है."
सतविचार मोति
" प्रणाम का परिणाम हमेशा आशीर्वाद ही होता है."

I'm start new business you help me
ReplyDeletethank you yogesh sir for your comment. what type of help you want from me.
ReplyDeleteThanks
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