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Wednesday, 26 December 2018

December 26, 2018

Indian Market World's Selling Centre

 

Indian Market World's Selling Centre 

आज अपना भारत देश और Indian market सिर्फ बाहरी देश का इक बहोत बडा  market बन के रह गया है. अपने देश के लोग ज्यादातर बाहरी देश brand पसंद करते है, ज्यादातर युवा. बाहरी देश का brand युज करने को वो style और status मानते है. अच्छी पढाई लिखाई कर के वो multinational company मे जाॅब पाना चाहते है. लेकिन खुद का business खुद का Indian brand बनाना ये बहोत कम युवा सोचते.


Indian Market World's Selling Centre



            हम और  foreign brand

   आज का युवा सुबह उठता है तो Samsung,Apple,LG की फोन कि आलार्म से फिर Colgate की toothpest और brush से ब्रश करेगा फिर Gillette के शेवर से शेव करेगा और Dettol का अॅन्टोसेफ्टिक लगायेगा. Lux या pears साबून से नहायेगा फिर Jocky की अंडरविअर पहनेगा Petter England का शर्ट पहनेगा,Blackberry कि पॅन्ट पहनेगा Unilever brand कि कोई चाय या काॅफी पियेगा उसके साथ Britania का ब्रेड या चिज खायेगा नही तो Kellogs या Maggi तो होती ही है नाष्ते मे. नाष्टा करते समय Samsung, LG के LED पर CNBC या BBC या फिर STAR SPORTS या ESPN चॅनल देखेंगे उसके बाद PUMA, ADDIDAS के शूज या Bata के जूते पहनकर  rayban का गाॅगल लगाकर, i10, i20 या कोई और foreign brand कि कार लेकर ऑफिस जायेंगे.ऑफिस मे Apple DELL,LG या SAMSUNG के लॅपटाॅप पे MICROSOFT और GOOGLE के साथ आठ घंटे काम करेंगे शाम को PIZZA या DOMINOZ का Pizza लेके आयेंगे साथ में FOSTER के दो बिअर भी लायेंगे बिअर पियेंगे pizza खायेंगे फिर SONY, SAMSUG ,LG केLED पे CNBC BBC ESPN चेनल देखेंगे.LG, SAMSUNG का AC लगायेंगे और सो जायेंगे फिर सुबह SAMSUNG, LG के फोन के आलार्म के उठ जायेंगे.
   ये है आज के युवावो का दिनक्रम और lifestyle with status. पूरे दिन में हम इक भी वस्तू made in india यूज नही करते और हमारा सारा पैसा brand के नाम पर बाहर देश चला जाता है.( बचा कुचा नेते लोग खा जाते है.) बाहर कि कंपनिया यही अपने देश में हि प्राॅडक्ट बनाती है और यही हमे ही बेचती है और हम इन बाहरी चिजे यूज करने में अपना status मानते है. हम और हमारा देश इक contract manufacturer बन के रह जाते है.





देश के लिए हमे क्या करना चाहिए

   1991 मे भारत मे खुली अर्थ व्यवस्था लागू कर दि गयी जिसके हमे फायदे भी बहोत हुए. industrialization बढ गया,लोगो को रोजगार मिलने लगे हमारा economy स्थर भी बढ गया लेकिन इसके नूकसान भी बहोत सारे है जो अभी दिखाई नही देते.
    पहले Onida और Videocon के TV घर मे होना शान कि बात थी आज Onida और Videocon के TV कोई नाम लेता नही.  उनकी जगह Sony,Samsung और LG ने ले ली है. अॅम्बेसिडर,प्रिमीअर पद्मिनी इन कारों कि जगह Ford,Nissan,Hyundai,Skoda, BMW ने ले लिया.दुरदर्शन कि जगह BBC ESPN  ने ले ली. BAJAJ के प्राॅडक्ट की जगह LG के प्राॅडक्टोने ले ली. मफतलाल के कपडे कि जगह PETER ENGLAND, LEVIS,BLACKBERRY ने ली.
    इस बदलाव के कारण हमारी आर्थिक उन्नती जैसी होनी चाहिए थी वैसे हुई नही. हमारे देश मे हम से हि प्राॅडक्ट बनवाकर अपना लेबल लगाकर हमे ही बेचा जाता है. इतने बडे का बदलाव के कारण तो बहोत सारे है. पहला कारण है हमारी मानसिकता. हमे देसी चिजें इस्तेमाल करने मे शरम आती है और विदेशी चिजें इस्तेमाल करने में हम style और status महसूस करते है. दुसरा मेन कारण यह है कि हमारे businessman अपने business मे कोई बदलाव नही कर पाये,ग्राहकोंकी जरूरतो को नही समज पाये. और अगर समझ पाये तो अच्छी सर्विस नही दे पाये.कोई अच्छी business  strategy नही कर पाये.
    मै उदाहरण के तौर पर micromax mobile का दूंगा. वो दुसरे नंबर का लिड ब्रॅन्ड था लेकिन बाद मे आये vivo,redmi इन कंपनियोंने online, offline और artificial shortage ये strategies अपनाकर micromax mobile को बाहर कर दिया.
   विदेशी कंपनिया भारत के किसी कंपनी को अपना पार्टनर बनाती है और इक बार मार्केट समझ में आने के बाद उसे छोडकर अपना खूद का ब्रॅन्ड मार्केट में लाती है. जैसे के Hero-Honda,Mahindra-Nissan, ऐसे बहोत सारे उदाहरण है.कल वो अलग होंगे और हम ब्रन्ड के नाम पे विदेशी चिजें खरीदेंगे और हमारा made in India ब्रॅन्ड दिखाई भी नही देगा. आज बहोत सारी चिजें China में बनती है लेकिन बेचने के लिए Indian मार्केट मे लाई जाती है. ये तो बहोत ही गंभीर हालात है क्यों कि हमें मिलनेवाला contract manufacturer का पैसा अब China चला गया और हमारा देश सिर्फ खरीदारी करने का मार्केट बन के रह गया है.
    आज जो भारतिय नागरिक business start-up करना चाहते उन्हे मेरा नम्र निवेदन है कि अपने प्राॅडक्ट का brand बनाये. वो सब strategy अपनाये जो बाहरदेश कि कंपनिया आजमाती है. जैसे Dominiz pizza वाले time strategy पर काम करते है. pizza कि आधे घंटे मे delivery करते है. कुछ mobile कंपनिया artificial shortage दिखा के sell बढाती है. अच्छा promotion करती है. cash on delivery,return policy जैसी strategy अपनाती है. customer की मानसिकता study करती है. ये आप को भी करना पडेगा. Samsung जब India में आया तब उन्होंने promotion के लिए आमिर खान को चूना क्यों कि आमिर खान का युवावो में क्रेझ था और वो जानते थे mobile का ज्यादातर use युवा ही करेंगे और देखते ही देखते Samsung India मे popular हो गया. इन छोटी छोटी बातों का आपको ध्यान रखना पडेगा इक बडा brand बनाने के लिए. उसके साथ quality भी विशेष ध्यान रखना पडता है उस मे कोई compromise नही चलता.
   सारे start-up और running businessman लोगो ऐसी कोई मुहीम चलानी चाहिए जिस से हमारे भारतिय लोग हमारी देसी brand  कि चिजे इस्तेमाल करने लग जाय. मानना पडेगा टाटा बिर्ला और Reliance को जो Indian कंपनिया आज भी India कि शान है. India के लोगो को भी मानना पडेगा क्यों कि आज भी उनका LIC पे विश्वास है. SBI आज भी India की नंबर वन बैंक है. बाबा रामदेव स्वदेशी चिजे इस्तेमाल करने के लिए आग्रह करते है. गांधीजीने जो स्वदेसी का आंदोलन छेडा था उसकी आज बहोत जरूरत है. तभी हमारा देश अव्वल नंबर पर आयेगा.
   जय हिंद.

 सतविचारमोती.

  ज्ञान और विवेक दो ऐसी आँखे है जो जिवन के सत्य और आंतरआत्मा दोनो के रूप देख सकती है.




Wednesday, 3 October 2018

October 03, 2018

Business Strategic Planning For Custumers


दोस्तो,
     
     नमस्कार, आज एक ओर स्टोरी मै आप से शेअर करना करना चाहता हू. जिस एक ओर आयडीया आता है, हमे अपने बिझनेस मे कस्टमर लाने का.हम आज ओर एक business strategy study करेंगे


business srategic planning
      
       ये बात वैसी बहोत पूरानी है. तब हम काॅलेज मे थे. मेरा इक दोस्त जो मेरे साथ पढता था. उसकी financial condition बहोत खराब थी,पढाई के खर्च के साथ उसे घर का खर्चा भी उठाना पडता था. उसके लिये वो अखबार डालना,दुध पहुंचाना आदी काम भी करता था. लेकिन बात कुछ बनती नही थी. उसे ओर पैसे की जरूरत थी. वैसे वो था बहोत चटपटा. उसकी सोच बहोत अलग ही थी. उसे सुबह के  तीन चार घंटे काम चाहिए था,दोपहर को काॅलेज और शाम को पढाई और पैसा भी ज्यादा चाहिए था, ओर उसी के बारे सोचता था, की क्या काम करे.
         
       एक दिन हम काॅलेज जा रहे थे. काॅलेज के रास्ते मे इक बडा पार्क आता था. वहा बहोत सारे लोग आते थे. लगभग सारे उमर के  morning walk के लिए,jogging के लिए. वो सब देखकर मेरे दोस्त को तुरंत आयडिया आया,वो बोला 'यार  सुबह सुबह इन लोगो कुछ बेचना चाहीए... लेकीन क्या?'  ( यहा पर मै इक बात नोट करना चाहुंगा की इक बिझनेसमन को हमेशा चौकन्ना रहना चाहिए. अपने आजुबाजू कोनसे मौके है उन्हे परखना चाहिए. आज बदलाव का जमाना है. दुनिया बदल रही है ओर बिझनेस तरीके भी बदल रहे है ओर हमे भी बदल कर दुनिया के साथ चलना है.)
           
       मैने पहले भी कहा है की वो चटपटा था. उसने ठान लिया की वो वहा पर हेल्थ ड्रीन्क मतलब लेमन टी का ठेला लगायेगा.( इक बिझनेसमन को तुरंत अॅक्शन कि जरूरत होती है. वर्ना हम बहोत सारे बिझनेस आयडिया सोचते है,ओर confuse हो जाते है ओर करते कुछ भी नही. ) तैयारी शुरू हो गई. हमारे ग्रुप मे इक दोस्त के पिताजी corporation मे काम करते थे इसलिये जगह का जुगाड हो गया. कैसे तैसे ठेले का बंदोबस्त हो गया ओर हमारे दोस्त का बिझनेस चालू हो गया.
           
       मेरे दोस्त का बिझनेस चालू तो हो गया लेकिन custumers नही आ रहे थे. इक हप्ता हो गया, पर उसका बिझनेस कुछ खास चल नही रहा था. उसने इक आयडीया लगाया, उन दिनो रेडीओ पर सुबह सुबह भक्तिसंगित चलता था. उसने वो जोर जोर अपने ठेले चलाना चालू कर दिया. ( इक बिझनेसमन को नये नये फंडे अपनाने चाहीए अपना बिझनेस चलाने के लिए.) उस से उसका बिझनेस थोडा बढ गया लेकिन उस से वो खुश नही था.
        
       इक दिन वो हम सब दोस्तों के पास आया ओर बोला अपने जितने भी दोस्त है, सब मेरे ठेले पे सुबह जल्दी अपनी अपनी बाईक लेके आ जाना. हम सब चले गये. उसने सब को अपनी अपनी बाईक ठेले के आजुबाजू लगाने को बोला ओर हम सब  को लेमन टी दे दी ओर कुछ देर रूकने को बोला. ऐसा उसने हमे तीन चार दिन करने को बोला. हमने भी अपनी दोस्ती के लिया खुशी खुशी किया.
          
       बस उसका का formula काम कर गया. हुआ यू की हमारी भिड देख के वहा लोगों की भिड बढने लगी उसका ठेला अच्छे से चलने लगा.
           
       मेरे दोस्त ने customer की psychology को बराबर पहचान लिया था. वो अच्छा health drink बेच रहा था,जो की सेहत के लिये फायदेमंद है. पर लोगो ने उसका product नही देखा, खाली भीड देखी. उसने artificial requirement पैदा की, अपना business चलाने के लिए. ओर कामयाब भी हो गया. अपना business चलाने के ऐसे नये नये फंडे नये नये triks सोचने पडते है,तभी  business बडे बनते है.
        
        Corporate लेवल पर भी ऐसे  फंडे use करते है. आप देखते होंगे,आजकल बडी बडी mobile कंपनिया जब अपना कोई नया product launch करती है तब बडी जोर से उसकी  advertise  करती है. उसकी reviews कराती है. बाद मे उसकी सिर्फ online sales करती है. ओर फिर कुछ दिनो बाद online sale बंद करके artificial shortage  दिखाती है, जिस से लोगो के दिल मे उसे खरीदने की अभिलाषा पैदा होती है,फिर वो लोग उसे online  ओर offline दोनो तरीके से बेचती है ओर ज्यादा मुनाफा कमाते है. ये सब buisiness strategies होती है, जिसे हर businessmen  को करनी पडती है. चाहे buisiness छोटा हो या बडा. मेरी पिछली  post  मे मैने कहा है,अलग सोच, काम करने का अलग तरीका ही आप को महान बनायेगा.