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January 18, 2019
world happiness report 2018
World happiness report 2018
India is the most depressed country in the world - WHO
जी हा WHO के report के अनुसार India दुनिया का बहोत ज्यादा depreessed देश है. यहा लोग हमेशा depress रहते है. WHO के इक report के अनुसार पिछले दस साल मे corporate employees मे anxiety और depression का rate 45-50% बढ गया है. मतलब दो मे से इक आदमी depression का शिकार है. हांलाकी बहोत सारी कंपनिया अपने employees के anxiety और depression के लिए special doctor भी appoint करते है.
लेकिन ऐसी क्या बाते हो जाती है कि लोग depression का शिकार हो जाते है ? workload और job insecurity ये इक दो कारण छोड के और ऐसे कौनसे कारण है जो इन हालात के जिम्मेदार है. ये बात और है की आज का corporate picture बदल गया है. पहले कंपनी के owner सिर्फ नाम के होते थे असली owner तो employee ही होते थे. owner और employee में इक अलग relation था.
इस anxiety और depression का main कारण है. rat-race. जी हाॅ rat- race. आज इक अजिबोगरीब rat- race लगी हुई है और हमे पता भी नही चलता कि हम इस रॅट रेस का हिस्सा है. आज माॅ-बाप अपने बेटे को Lower KG में डालते है तो उसके कान में बता देते है कि बेटा 12th मे 90% लाना इंजिनिंरीग मे जाना है. बस यही से शुरू है उसकी रॅट रेस. फिर जिंदगी मे हर इक मोड पर अपने को बेहतर बनाने के चक्कर मे वो depression का शिकार हो जाता है. आज हर एक आदमी ज्यादा पैसा,नाम और पाॅवर के पिछे भागता दिखाई देता है. और ये शायद हर इंसान की आदत भी बन गई है और ये सब ना मिलने पर depression आना तो स्वभाविक है.
आज social media भी depression का इक अहम कारण है. वैसे social media इक दुसरे से connect रहने के लिए अच्छा माध्यम है लेकिन इसका गलत प्रभाव पडता दिखाई देता है. इसकी वजह से आज कल कि generation physical और ground game खेलना भूल सी गई है. हमेशा mobile और computer पे online रहने के कारण वो physically और mentally कमजोर हो गये है और social media addicted हो गये है. Facebook,Instagrame, और tweeter पे किसकी सेल्फी और पोष्ट को कितने लाईक मिले, उस से मुझे कैसे ज्यादा लाईक मिलेंगे? इसकी भी आप को इक rat-race देखने को मिलेगी. जो आदमी social media पर अपने आप को जितना smart और active दिखाता है उतना वो असल जिंदगी में होता नही. हम उसी को सच मान के नर्वस हो जाते है. कोई इंसान अपने पार्टी की सेल्फीज, नई गाडी की सेल्फीज या फिर किसी बाहर देश के लोकेशन पर खिंची सेल्फीज जब social media पर अपलोड करता है तो हम सोचते है यार इसके life मे कितनी enjoy है हमारे पास कुछ भी नही. social media पर खुश दिखनेवाला आदमी real life मे खुश होगा इसकी कोई गॅरंटी नही. हम हमेशा दुसरे के पास जो चिज है वो पाना चाहते है. वो ना मिलने से नर्वसनेस आता है और वो डिप्रेशन में बदल जाता है.
United Nation Sustainable Report -
India is not even on the list of top 100 happiest countries out of the list 156. India rank is 133. इस साल UN के world happiness report के अनुसार 156 देशों मे India का rank 133 है. इक अफगणिस्तान को छोडकर पाकिस्तान,बांग्लादेश,नेपाल,भूटान,और श्रीलंका ये अपने पडोसी देश जो कि development मे हम से बहोत पिछे है,लेकिन happiness मे हम से आगे है. ये report हर आदमी income, social support, health facility, freedom, population, corruption पे बनाई गयी है.
हर किसी के खुशी के फंडे अलग होते है. बुजुर्ग लोगों को respect देने से या उनके पैर छुने से खुशी मिलती है,यंगस्टर को मोबाईल,बाईक,कार खरीदने से खुशी मिलती है, उनको love वाला प्रपोज accept होने से भी बहोत ज्यादा खुशी मिलती है.किसी को घुमने फिरने से नई नई site seeing से भी खुशी मिलती है. बच्चों को चाॅकलेट,खिलोने तो क्या अपने मम्मी पप्पा को देखने से भी खुशी मिलती है.
खुशी कही से भी मिलती है बस लेना आना चाहिए. फिर life में ये टेंशन क्यों? ये depression क्यों? ये rat-race क्यों? ये race लगाना ही है तो अपने आप से लगाओ. खुद को दुसरे से बेहतर मत बनाओ. खुद को अपने आप से बेहतर बनाओ.अपनी शर्तो पे जिओ. वही करो जिसमे तुम्हे खुशी मिलती हो.दुसरो की खुशी देखकर उन से race लगाओगे तो depression के सिवा कुछ नही पावोगे. क्यों कि हर इंसान अलग होता है. सबको सब कुछ नही आता लेकिन किसी को कुछ तो आता है. ये आपका कुछ है ना वही आप कि खुशी है.
आज सारी दुनिया depression और stress कम करने के लिए योग के पिछे भाग रही है जब कि योग का जन्मदाता है अपना भारत देश. और उसी कि ये हालत है.भगवान का नाम लेने से, सत् विचारों और सदाचार से भी बहोत खुशी मिलती है. बस शर्त यही रहेगी आप को अपना अहंकार त्यागना पडगा. ये अहंकार ही depression का मेन कारण है.राम का नाम लिया तब हमने पृथ्वी पर जन्म लिया,जिंदगी का आखरी सेकंड वही रामनाम हमारे मुख में हो. यही तो है life. बाकि हमने कितना पैसा कमाया,नाम कमाया वो तो साथ नही जानेवाला.
मै आशा करता हूं कि 2019 के WHO के report में भारत का depression rate कम हो और UN कि report में भारत दुनिया में सबसे खुशहाल राष्ट्र हो.
जय हिंद.
