Indian Inspiring Personalities -Uddhab Bharali
हाय फ्रेन्डस आज हम अपने देश के ऐसे talented मेहनती और सत् विचारक तथा वैज्ञानिक और Inspiring Personality के बारे में जानेंगे जिनके नाम पे 39 National Petaint है और उन्होंने 118 अलग अलग product बनाये है.
उनका नाम है श्री. उद्धब भराली. वो आसाम के लखिमपूर के रहनेवाले है. कुछ महिने पहले ही उद्धबजी को नासा (NASA) ने NASA Exceptional Technology Achivement पुरस्कार से सम्मनित किया है. इसके अलावा President Grassroots Innovation Award और Shristi Samman Award तथा पद्मश्री पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है.
Inspiring Personalities -Uddhab Bharali
उद्धबजी बचपन से ही होशियार थे. जब वो स्कूल मे थे तो उनको 3rd स्टॅन्डर्ड से 5th स्टॅन्डर्ड मे और 5th स्टॅन्डर्ड से 10th स्टॅन्डर्ड मे दाखिला दे दिया गया था.उनको गणित विषय मे ज्यादा रूची थी. वो जब स्कुल मे तभी 11th और 12th की maths की problem solve करते थे. आगे उन्होंने जोरहाट के Engineering colledge मे दाखिला ले लिया लेकिन पैसे के कमी के कारण उन्हें वो बिच मे ही छोडनी पडी. घर कि जिम्मेदारी भी उन पर थी और यही से उनके अंदर का inventor जाग गया.
1988 मे उनके पिताजी के उपर अठरा लाख का कर्ज था और चुकाने कि जिम्मेदारी उद्धब सर कि थी. कितनी भी अच्छी नोकरी करके इतना बडा कर्जा उतारा नही जा सकता ये बात उद्धब सर जानते थे. उसी वक्त आसाम की चाय कंपनी को पाॅलिथिन बनानेवाली इक मशिन की आवशक्ता थी. उसकी बाहरी देश की बनाई गयी मशिन की किमत लाखो रूपये थी.उद्धब सर ने ये challenge स्विकार लिया. 5 लाख किंमत कि वो मशिन उद्धब सर ने सिर्फ 67000 मे बनाई. उसके बाद इक के बाद इक अच्छे अच्छे प्राॅडक्ट बनाते गये.
2005 मे National Innovation Foundation ( NIF ) Ahmedabad ने उद्धबजी के प्राॅडक्ट की सरहाना की.उसके बाद उन्होंने पिछे मुडकर नही देखा.
उन्होंने खेती के लिए इस्तेमाल होनेवाले औजार बनाने पर ज्यादा ध्यान दिया. लहसून जेट्राफा सफेद मुसली को छेद करनेवाली पिलर मशिनें बनाई. उनकी मशिनों की खासियत ये थी कि देशी बनावट की सस्ती और इक आदमी से चलनीवाली मशिने थी. उनका सबका famous innovention था Pomegranate de-seeder याने आनार छिलने का मशिन. आनार छिलनेवाला मशिन बनाने का प्रयास अमेरिका के इंजिनिअर्स बहोत साल से कर रहे थे से कर रहे थे लेकिन सक्सेस नही हो रहे थे जब ये बात उद्धब सर को पता चली तो उन्होंने ऐसी मशिन बनाने का निश्चय किया.आसाम मे आनार आसानी से नही मिलते वो लाने के लिए उन्हे 500 किलोमिटर जाना पडता था. लाखो प्रयासो के बाद आखिरकार उन्होंने आनार छिलने की मशिन बना ही ली. इसी यंत्र को NASA और MIT जैसे बडे Organisation ने नवाजा और फिर उद्धब national level पे famous figer बन गये.
आनार छिलने के मशिन के बाद सुपारी छिलने का मशिन और चाय पत्ती से पावडर बनाने का मशिन (CTC ) अपाहिज लोगों के लिए Mechanism toilet ये उनके बनाये गये Famous मशिनें है.
उनकी इक खास बात ये है कि इतने सारे invention करने के बाद भी ये मशिने उन्होंने जरूरतमंद लोग और किसानो को मुक्त मे बाट दी. वो चाहते तो इन मशिनों का commercial production करके करोडो रूपये कमा सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नही किया. बल्की जो कंपनीया उनके product बनाती है उनसे वो royalty लेते है ताकि घरखर्चा और invention खर्चा चल सके.
हमारे देश मे ऐसे कितने talented लोग है जिन्हे हमारी जनता जानती भी नही होगी या तो बहोत कम जानती होगी. मेरी पिछली इक पोष्ट zero budget kheti business मे मैने महाराष्ट्र के श्री. सुभाष पालेकरजी बारे मे लिखा था ताकी लोग हमारे देश के talent को जाने.
हमारे देश मे ऐसे कितने talented लोग है जिन्हे हमारी जनता जानती भी नही होगी या तो बहोत कम जानती होगी. मेरी पिछली इक पोष्ट zero budget kheti business मे मैने महाराष्ट्र के श्री. सुभाष पालेकरजी बारे मे लिखा था ताकी लोग हमारे देश के talent को जाने.
ऐसे इस सत् विचार और जागतिक किर्ती वाले इंसान हमारे भारत देश के पुत्र है इस पे हमे स्वभिमान होना चाहिए.
जय हिंद.

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