business
January 04, 2019
Making a brand name and brand positioning
Making a brand name and brand positioning - Brand name और brand positioning किसी भी business के लिए बहोत important होता है. business की ग्रोथ के लिए ये बहोत जरूरी होता है.
मै अपने पहले पोस्ट लिख चूका हू कि किस तरह हमारी industrialization की branding न होने के कारण हमारी देश कि बनी चिजे international market मे तो क्या अपने देश मे भी टिक नही पाई. तो आज हम देखेंगे brand मतलब होता क्या है.
Making a brand name and brand positioning
जनरली start-up business करनेवाले 'Logo' को ही brand समजते है. brand का मतलब किसी भी कंपनी के product पे दिखाया गया लोगो का विश्वास होता है. मतलब कोई नहाने का साबून बोलेगा तो Lux, Pears या Lifeboy का ही नाम सामने आता है. लेकीन Indian brand की Medimix भी अच्छा होता है. Lux बडा brand है. लेकिन Medimix का ज्यादातर लोगो को मालूम भी नही रहेगा. जब कि वो इक आयुर्वेदिक बिना केमिकल मिश्रीत साबून है. मै अपनी पिछली पोस्ट डोमिनोज के बारे मे लिख चूका हू. अगर हम किसी को पुछे कि डोमिनोज किस चिज के लिए फेमस है तो सब जवाब देंगे पिझ्झा के लिए.लेकिन पिझ्झा तो पिझ्झाहट और पापाजाॅन का भी अच्छा होता है, लेकिन डोमिनोज फेमस है 30 मिनट के अंदर डिलिव्हरी करने के लिए. उनका श्लोगन यही है 'खुशियों कि होम डिलीव्हरी', '30 मिनिट में होम डिलिव्हरी.' वो टाईम पे ज्यादा फोकस करते है. उन्होंने लोगो कि जरूरत पर ज्यादा ध्यान दिया. किसी भी business में कुछ अलग करने कि जरूरत होती है. क्योंकि वो बडा brand बन पाये और अपने brand कि market मे इक position बना पाये.
कभी कभी इक अच्छा श्लोगन भी business के लिए game changer साबित होता है. आप दखिए बडे बडे brand का कोई ना कोई श्लोगन या टॅगलाईन जरूर होती है. जैसे,
NIKE - Just do it,
Apple - Think different,
BMW - Altimate driving machine,
Amul - atterely butterly delicious,
Coca Cola - थंडा मतलब कोकाकोला.
Kingfisher - King of good times.
Mentos - दिमाग कि बत्ती जला दे.
Raymond - The complete man,
Surf excel - दाग अच्छे है.
ऐसे श्लोगन से कस्टमर के दिमाग मे वो brand फिट बैठता है और वो वही खरीदता है.
LOGO
LOGO
किसी भी product का Logo भी बहोत मायने रखता है. Logo आपके business का चेहरा होता है, आपकी पहचान होती है. कभी कभी लोग Logo से ही product के brand कि असली और नकली की परख करते है.
आजकल आप देखेंगे कि बडे बडे कंपनियोंने अपने लोगो बदल दिये है. आजकल के कस्टमर के बदलती demand और उन्हे attract करने के लिए तथा कंपनी के product में जो बदलाव किए गये उनके के प्रदर्शन के लिए नये Logo लान्च किए गये है.
Logo पाच भागो मे divide होता है.
1) background.
2) size.
3) colour.
4) structure.
5) nature.
Example के लिए हम amazon लेंगे
1) background - black.
2) size - only 'a''.
3) colour - white/yellow.
4) structure - all side open.
5) nature - all included.
इस मे दिखाया गया बाण a से z तक जाता है, जिस से वो ये दिखाना चाहते है कि वो सब चिजे बेचते है और black background और white/yellow से वो ये दिखाते है की वो कोई भी भेदभाव नही करते.
Logo बनाने से पहले वो क्यो होना चाहीए, उस logo से आप क्या संदेश देना चाहते है और किस चिज को टारगेट करना चाहते है ये सब बातों का पहले हि विचार करना जरूरी होता है. ये सब चिजे start-up मे ही क्लिअर होनी चाहिए.
LABAL POSITIONING
LABAL POSITIONING
हमारे गाव मे चावल कि खेति अच्छी होती है और यहा पोहा बनानेवाले बहोत सारे लोग है. वो लोग पोहा 40 रूपये kg से इक लोकल mall मे बेचते है और वो mall वाला 54 रूपये kg से अपना लेबल लगा के लोगो को बेचता है. वो ये नही देखता कि पोहा आता कहा से है. उसको 40 रूपये अच्छा पोहा मिल जाता है बस. लोग भी उसका brand देखकर खरीद लेते है. इसको लेबल पोजिशिंनिग कहते है. ये होते है brand के फायदे.
आज LG भारत मे नंबर वन होम अॅपलासेंस बनानेवाली कंपनी है. 1997 मे जब LG हमारे देश मे आया था तो उन्होंने कहा था," हम पहले brand बनाते है बाद मे कंपनी डालते है." ये बहोत सोचनेवाली बात है. LG हमारे देश कि कंपनी से ही product बनवाके लेती थी और अपना लेबल लगा के बेचती थी. 2005 मे महाराष्ट्र के रांजनगाव मे उन्होंने पहली खुद की कंपनी बनाई तब LG brand बहोत बडा हो चुका था. लोग आँख बंद करके उस पे विश्वास रखते है. ये होती है brand कि पाॅवर.
आज जो भी लोग start-up कर रहे उन्हे brand पर बहोत सिरीअसली सोचना चाहिए. branding को daily update करने कि जरूरत होती. चाहे वो किसी भी माध्यम से. advertisement से या promotion से हो लोगो के मन मे जगह बनानी पडती है.कस्टमर कि demand और उसकी service ये दो चिजे बहोत important होती है. आज आप किसी चिज का start-up कर रहे हो उसमे जो कोई भी बडा brand होगा तो वो बडा brand क्यो है, उसने ऐसा क्या किया कि वो बडा brand बन गया इसका study करना जरूरी है. आप का brand भविष्य मे कैसा होगा उसकी positioning कैसी होगी इसकी शुरूवात start-up मे ही करनी चाहिए.






